लीक से परे

उसे जो महसूस हुआ उसने कह दिया,
ये बात खटक गयी।
फिर एक ने कहा,
देखो वो लीक से हट रहा है,
उस पर विशेष ध्यान दो।
इस पर दूसरे ने कहा
लेकिन उसने कुछ भी गलत नहीं कहा।
ये तो हमे भी पता है,
लेकिन तुम जानते हो न,
हुक्मरानों को ये सब पसन्द नहीं।
पहले का जवाब था।
तो क्या पसन्द है, इन हुक्मरानों को ??
दूसरे ने पूछा।
सवाल तो बिलकुल भी नहीं।
तुम्हें जो कहा गया है इसे अम्ल में लाये।
पहले ने अकड़ते हुए कहा।
दूसरा-
हाँ, मैं अपना काम करूँगा और समय  अपना।

---गुलशन उधम।

Comments

Popular posts from this blog

Ratti masha tola

The Second order of signification: Roland Barthes

Krantijyoti Savitri Bai Phule